मुझे मौका मिला एक स्वरोजगार रोजगार दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए | चलिए आपको बताता हूं कि स्वरोजगार रोजगार दिवस के बारे में और इससे आप को क्या फायदा पहुंचेगा|
स्वरोजगार रोजगार का मतलब हुआ खुद का काम | भारत में रोजगार का मतलब पहले सरकारी नौकरियां हुआ करती थीं | अब सरकार एक तरफ सरकारी उपक्रमों को प्राइवेट कर रही है और दूसरी तरफ़ सरकारी विभागों में डाउनसाइज ( नौकरियों पर काम नियुक्तियां) कर रही है |
अब देश भर में रोजगार यानी खुद का काम शुरू करने और उसको आगे बढाने पर जोर दिया जा रहा है | आज का युवा बेरोजगार ना रहे और उसे रोजगार मिले – इस विचार धारा को बढाने और उसका प्रचार करने के लिए स्वरोजगार-रोजगार दिवस का आयोजन किया जाता है|
स्वरोजगार रोजगार दिवस पर बैंकों की भूमिका को केन्द्रित किया गया | बैंक, खास करके सरकारी बैंक आज के समय में अपनी एक खास भूमिका निभा रहे हैं | सरकारी बैंक और सरकार द्वारा प्रायोजित बैंक ऐसी लोन स्कीम पर काम कर रहे हैं जिनमें युवा, महिलाएँ और अल्पसंख्यक वर्गों पर जोर डालते हुए उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है |
किसी भी स्वरोजगार करने वाले की सबसे बड़ी समस्या होती है – कैपिटल या पूँजी | यदि कोई अपना खुद का बिजनैस शुरू करना चाहे तो उसके लिए पूंजी कहाँ से लाए? किराना दुकान हो या ब्युटी पार्लर, कंप्युटर सेंटर हो या क्लिनिक या फिर कोई छोटी – मोटी औद्योगिक इकाई, सभी के लिए पूंजी का होना जरूरी है |
इसे हम सीड कैपिटल भी कह्ते हैं | इस कैपिटल को सरकार अपनी प्रायोजित योजनाओं को बैंक लोन से लिंक करके स्वरोजगार करने वालों तक सहायता राशि पहुंचा रही है | इस सन्दर्भ में जिन मुख्य योजनाओं का उल्लेख किया गया है वो है –
1. मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना
2. प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम
3. प्रधान मंत्री स्वनिधि योजना
4. नेशनल अर्बन लाइवलीहुड मिशन
5. नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन
6. प्रधान मंत्री मुद्रा योजना
ये योजनाएं बैंक लोन से जुड़ी होती हैं और उनमें सरकार की तरफ़ से सब्सिडी और ब्याज में छूट दी जाती है | ये लोन सब्सिडी की राशि 20 % से 65 % तक और ब्याज दर में छूट 2% से 4% तक मिलती है |
दूसरी जो सबसे बड़ी समस्या जिसका स्वरोजगार करने वाला सामना करता है वो है – बैंक लोन गारंटी | बैंक जो भी लोन देती है उसमें गारंटी की मांग रखती है | सरकार द्वारा प्रायोजित बैंक लोन में गारंटी की जरूरत नहिं है |
इस तरह सरकारी मदद और बैंक लोन स्कीम के माध्यम से स्वरोजगार रोजगार दिए जा रहे हैं | हितग्राही जिनको लोन दिया जाता है वो अपनी लोन की किस्तें बराबर जमा करते रहे तो वो ना सिर्फ अपना रोजगार सुनिश्चित करते हैं ब्लकि वो बैंक मजबूत रिश्ता कायम करते हैं, अपनी क्रेडिट मजबूत करते हैं और आगे बढ़ सकते हैं |
स्वरोजगार रोजगार दिवस समय समय पर मनाया जाता है और इससे देशभर में अब रोजगार का अच्छा माहौल बन रहा है |
ये बात सही है कि खाली पेट ना भजे गोपाला| इसका मतलब ये होता है कि ईश्वर का स्मरण तभी होता है जब पेट खली ना हो| अर्थात जब हम आर्थिक रूप से जीवन में संपन्न हों|
हमारे देश में रोजगारी की समस्या प्रचंड है| और इसलिए सभी तंत्र – सरकारी और गैर सरकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि देश के युवाओं को रोज़गार मिले| इस सोच को और आगे बढाने के लिए हमारे देश की सरकार ने MSME सेक्टर को develop करने में अच्छी भूमिका निभाई है और निभा रही है|
इस ब्लॉग पोस्ट में हम जानेंगे कि किस तरह आप यदि कोई किसी तरह का स्माल बिजनेस करते हैं तो किस तरह अपने बिजनेस को भारत सरकार के पोर्टल पर रजिस्टर करा सकते हैं| और रजिस्टर करके कई सारे फायदे (benefits) पा सकते हैं|
UDYAM रजिस्ट्रेशन :
उद्यम रजिस्ट्रेशन , अपने व्यापार को रजिस्टर करने का zero cost, no fee और free रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया process है| इसका मतलब ये होता है कि ना तो आपको उद्यम रजिस्ट्रेशन के लिए कोई किसी तरह का शुल्क देना है| यह रजिस्ट्रेशन बिलकुल निशुल्क है|
देश में अभी तक कुल 72 लाख से ऊपर उद्यम रजिस्टर हो चुके हैं|
क्या आपको पता है कि इतनी बड़ी संख्या में उद्यमियों का रजिस्ट्रेशन करने के पीछे क्या कारण है? आइये जानें|
Udyam रजिस्ट्रेशन क्यूँ?
बैंक से लोन मिलने में आसानी:
MSME सेक्टर में हमेशा से सबसे बड़ी प्रॉब्लम जो आती है वो है पूँजी को लेकर| MSME यानि लघु, छोटे और मझोले उद्यम या उद्योग या बिजनेस| ये वो बिजनेस होते हैं जिनकी इकाइयाँ बहुत छोटी होती हैं और इनके लिए फंडिंग जुटाना संभव नहीं है| इसलिए अब सरकार ऐसे बिजनेस को चिन्हित करके यथा संभव आर्थिक मदद दे रही है|
अब तो बैंकों ने MSME लोन देने के लिए UDYAM रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है| बिना UDYAM रजिस्ट्रेशन के आपको सरकारी द्वारा चलाई योजनाओं में कोई लोन न मिल पायेगा|
जरूर पढ़ें: MSME सेक्टर
यदि आप अपना Udyam रजिस्टर कराते हैं तो आप किसी भी बैंक या वित्तीय संसथान से लोन आसानी से पा सकते हैं| बैंक ऐसी इकाइयों को लोन देने के लिए सबसे आगे रहते है|
कम ब्याज दरों पर बैंक लोन और रियायतें:
जो udyam अपने आपको UDYAM रजिस्टर कर लेते हैं और बैंक से लोन लेते हैं उन्हें समय समय पर सरकार द्वारा व्याज दरों में डिस्काउंट दिया जाता है| ये डिस्काउंट आपको interest subsidy के रूप में दिया जाता है| interest subsidy का मतलब कि जो भी ब्याज दर होगी उसमे कुछ प्रतिशत घटाकर ब्याज लगेगा|
आर्थिक माहौल को देखते हुए समय – समय पर सरकार उयामियों को राहत देने के लिए रियायत देने की घोषणा करती है| उन रियायतों के लिए आप तभी पात्र होंगे जब आप का बिजनेस UDYAM रजिस्टर्ड हो|
Credit Guaranty Scheme का फायदा
Udyam रजिस्टर्ड बिजनेस जो भी बैंक से लोन लेंगे वो Credit Guaranty Scheme के लिए पात्र होंगे| Credit Guaranty Scheme आपको बिजनेस फेल हो जाने पर मुआवजा दिलवाने में सहयोग देती है जिससे आपका बैंक लोन चुकता हो जाए|
जो बिजनेस UDYAM रजिस्टर्ड होंगे वो सरकारी टेंडर्स के लिए सबसे पहले चुने जायेंगे| इस तरह सरकार UDYAM रजिस्टर्ड बिजनेस यूनिट्स को प्राथमिकता देगी| तो अगर आप Government Tender में भाग लेते हैं तो आपके चांस बढ़ जायेंगे|
मोटे तौर पे यही सब प्राथमिकताएं दी जाती है| आने वाले समय में और भी सकारात्मक बातें जुड़ेंगी | MSME सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए देश की आर्थिक नीतियां Ease of doing business के सिद्धांत पर ध्यान दे रही हैं| इस नीति के अंतर्गत बिजनेस करने के लिए आसान और सुगम रास्ते बनाये जा रहे हैं|
जरूर पढ़ें: Ease of doing business
UDYAM रजिस्ट्रेशन के लिए अप्लाई कैसे करें:
UDYAM रजिस्ट्रेशन के लिए आपको किसी भी ऑफिस में जाने की जरुरत नहीं है| ये प्रक्रिया पूरी तरह online है| UDYAM रजिस्ट्रेशन के लिए आप नीचे दिए लिंक पर जायें:
लिंक 1 पर आपको क्लिक करना है| ये लिंक उनके लिए है जो पहली बार अपने बिजनेस को रजिस्टर कर रहे हैं|
ऐसे उद्यमी जिनका पहले से Udyog Adhaar है , वो लिंक 2 पर क्लिक करें|
इस लिंक को क्लिक करते ही आपके सामने एक वेब पेज खुलेगा| इस वेब पेज पर आपको अपना adhaar नंबर और पूरा नाम देना है| और आपका adhaar OTP के जरिये verify होगा|
और फिर आपके सामने PAN verify करने का ऑप्शन दिखेगा| कुल 10 प्रकार के बिजनेस रजिस्टर करा सकते हैं| यदि आप उन दस के बाहर आते हैं तो 11 वा ऑप्शन चुने: “Others”
इसके बाद कुल 18 बिन्दुओं पर आपको पोर्टल पर अपनी जानकारी देनी होगी| मैंने वो 20 बिंदु नीचे दे दिए हैं| आप ये जानकारी तैयार कर लें:
क्या आपने पिछले साल ITR फाइल किया है – हाँ / ना
क्या आपके पास GSTIN है – हाँ या ना
मोबाइल नंबर
ईमेल
सोशल केटेगरी – General/SC/ST/OBC
लिंग
क्या आप दिव्यांग हैं – हाँ/ ना
आपके उद्यम का नाम/ इकाई का नाम
इकाई का पता
ऑफिस का पता
उद्यम के स्थापना की तारिख
बैंक डिटेल्स – बैंक का नाम , खाता नंबर और IFSC कोड
इकाई का प्रकार – मेनूफक्चारिंग या सेवा
NIC कोड
आपकी यूनिट में employed लोगों की संख्या
टोटल टर्न ओवर(Total Turnover)
क्या आप Govt e-portal पर रजिस्टर करना चाहते हैं
DIC यानि जिला उद्योग कार्यालय का नाम
इस तरह इन सभी तरह की जानकारी को आप ready कर लें और फिर फॉर्म भरने बैठें|
कौन – कौन से सेक्टर UDYAM में शामिल हैं?
जरुर पढ़ें – MSME सेक्टर
तीनों :
विनिर्माण – Manufacturing
सेवा – Services
ट्रेडिंग(खरदीना-बेंचना) – Trading
इस तरह तीनों सेक्टर के उद्यमी अब अपना UDYAM रजिस्ट्रेशन का लाभ ले सकते हैं| हाल ही में Trading को MSME में शामिल कर दिया गया है| अब ट्रेडिंग का बिजनेस करने वाले उद्यमी भी सरकारी योजनाओं का लाभ ले पाएंगे|
एप्लीकेशन फॉर्म ऑनलाइन fill up करने के बाद आपको तुरंत बाद 19 digit alpha-numeric UDYAM रजिस्ट्रेशन नंबर मिल जायेगा| इस नंबर को लेकर फिर आप अपना UDYAM Registration Certificate प्रिंट कर सकते हैं|
UDYAM Registration Certificate कुछ इस तरह से दिखता है| और जब आपको अपना UDYAM सर्टिफिकेट मिलेगा तो आपको ख़ुशी का अहसास होगा!
UDYAM REGISTRATION सर्टिफिकेट कैसे प्रिंट करें
आप अपने UDYAM Registration Certificate को नीचे दिए निर्देशों के अनुसार बड़ी आसानी से प्रिंट कर सकते हैं:
अब यहाँ पर आप अपना UDYAM रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाइल नंबर डालें| आपके मोबाइल पर एक OTP आएगा| और जैसे ही आप OTP डालेंगे, आपके सामने आपका UDYAM रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिखेगा|
UDYAM Registration Certificate( in Hindi)
UDYAM Registration Certificate अपडेट कैसे करें
अगर आपको बाद में कभी लगे कि आप अपनी कुछ जानकारी अपडेट करना चाहोगे तो उसके लिए भी आप्शन दिया गया है| उसके लिए आप top menu में जायें और Update Details पर क्लिक करें| कुछ इस तरह: